Thursday, October 9, 2008

174 वां दिन

(पहला फ़ोटो: http://blogs.bigadda.com/bigbimages/pix/10oct08a.jpg)
मनाली, जब शाम ढले थोड़ी देर हो चुकी थी, 'शू-बाईट' (फ़िल्म का कामचलाऊ शीर्षक) की शूटिंग के दौरान। ये मेरे मोबाइल से नहीं लिया गया, बल्कि एक उम्दा कैमरे से लिया गया। सूरज पूरे दिन की थकान के बाद डूबकी लगाने ही वाला था। पेड़ के पत्तें उतर चुके थे और सूरज उसके पीछे फ़िसल रहा था, और मैंने फ़ोटो ले लिया। बहुत सुन्दर दृश्य था।

(दूसरा फ़ोटो: http://blogs.bigadda.com/bigbimages/pix/10oct08b.jpg)
ताज, नवम्बर के आरम्भ में, पिछले साल। अभिषेक वहाँ शूटिंग पर थे और हम सब भी आगरा में उनके साथ हो लिए। यह तड़के सुबह का वक़्त था, और हमें सलाह भी दी गई थी कि इसी समय हमें ताज जाना चाहिए क्योंकि उस समय वहाँ भीड़ कम होती है। लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं था। तमाशबीन लोग और मीडिया वालो ने हमे अकेले रहने का अवसर नहीं दिया। किसी और दिन मैं लिखूँगा कि हमारे दृष्टिकोण से हम क्या देखते हैं। आम तौर पर आप वही देखते हैं जो मीडिया दिखाना चाहता है, या वो छवि जो कि उनकी कहानी के साथ जंचे। लेकिन जल्द ही मैं आपको बताऊँगा कि 'पुल के दूसरी ओर से' दृश्य कैसा होता है?

(तीसरा फ़ोटो: http://blogs.bigadda.com/bigbimages/pix/10oct08c.jpg)
ताज एक बार फिर से, उसी यात्रा के दौरान। इस अजीब कोण का कारण है 'वाईड एंगल' लेंस और उसे ऐसे स्थित किया जिससे कि मीडिया और भीड़ फ़्रेम से बाहर रहे।

(चौथा फ़ोटो: http://blogs.bigadda.com/bigbimages/pix/10oct08d.jpg)
ऐश्वर्या, आगरा में होटल के कमरे की बॉलकनी पर। एक शानदार जगह और एक भव्य दृश्य - ताज धुंधला सा दिखाई दे रहा है पृष्ठभूमि में।

प्रतीक्षा, मुंबई अक्टूबर 9, 2008 11:33 pm

श्वेता मेरे ब्लॉग पर लिखने के विचार से उत्साहित है और मैं उत्साहित हूँ इतने सारे जवाब देख कर, कि लोगो ने चर्चा के लिए अपने अपने विषय भेजने का कष्ट किया। अब मैं सभी विचारों को एकत्रित कर के श्वेता को प्रस्तुत करने में लग जाऊँगा, ताकि वे चुन सके और लिख सके।

इस बीच, अखाड़े में, काम जारी है बिना किसी रोक-टोक के। 'तीन पत्ती' आरे मिल्क कालोनी के वातावरण में। मैं अभी भी जूझ रहा हूँ पात्र को पकड़ने में, उसकी चाल-ढाल, उसकी आदतें, उसके बोलने का ढंग, उसके उठने का ढंग। कुछ फ़ोटो खींचे हैं, जो आशा है कल तक आपके सामने होगे।

इन दिनों प्रिंट मीडिया से कुछ दिलचस्प सवाल मिले हैं। उपरी तौर से तो कहते है कि 'हम आपके आगामी जन्मदिन' पर एक व्यापक रुप से जश्न के अंदाज़ में कुछ विशेष लिखना चाहते हैं। लेकिन जन्मदिन के बहाने वे कुछ और भी पूछ लेते हैं। मुझे वे दिलचस्प लगे और मैंने उनका जवाब दे दिया। मैं इंतज़ार करूँगा जब तक कि वे छप न जाए, उससे पहले उन्हें ब्लॉग पर लिख देना अनैतिक होगा।

और इससे पहले कि मैं विदा लूँ --

"जहाँ दूसरे संदेह करें, वहाँ विश्वास करो। जहाँ दूसरे काम करने से इंकार करें, वहाँ काम करो। जहाँ दूसरे बर्बाद करें, वहाँ बचाओ। जहाँ दूसरे मैदान छोड़ भाग जाते हैं, वहाँ तुम डटे रहो। दूसरो से अलग बनने का हौसला रखो। विजेता बनो!!"

“D pessimist c’s difficulty in every opportunity; n optimist c’s d opp in every difficulty.

"निराशावादी को हर मौके में कठिनाई नज़र आती है। आशावादी को हर कठिनाई में एक मौका दिखता है।"

ये आखरी वाला पत्नी ने भेजा था मोबाइल पर ...

(और कृपया मुझे भाषण न दें कि मुझे जया को इस तरह से संबोधित नहीं करना चाहिए। कई लोगो को शायद ये न पता हो, लेकिन अंग्रेज़ी में, अपनी पत्नी को संबोधित करने का ये एक सबसे प्यारा तरीका है।)

प्यार और उत्सव की शुभकामनाओं के साथ …

अमिताभ बच्चन
http://blogs.bigadda.com/ab/2008/10/09/taj-pix/

2 comments:

Anjali said...

Hello Sir.....
socha tha apna sabse pehla comment aapko apke Birthday par Wish ke roop mai bhejungi........ apne Frined Ramiz ko maine kaha ki aaj Amit ji ko Birthday Wish karna hai unke blog par...... main to apne office mai thi mujhe Ramiz ne bataya Anjali tumne suna nahi ki Amit ji Hospital mai hai ........ itna sunte hi apke blog ko dekha to last blog aapne 9th october ko likha tha uske baad koi nahi tha......
ghar jaakar TV par aapko dekha....... jab aapki Tabiyat sudhar ki khabar dekhi tab jakar kuch achcha laga.........
Apko Meri bhi umar lag jaaye......... Sir mai aapko bahut pyaar karti hun.......
Thanks Amit ji aapne mere liye Samay nikala......... waise bhi aap bahut achche ho apne chahne walo ko aap unse jyada pyar karte ho......... aap jaisa duniya mai na koi hai na koi hoga.............. Hamari Wishes Aapke Aur Apke Pariwar Ke Sath Hamesha Hai...... aapse milne ki bhi bahut Tamnna hai .......
Namshkar Sir........

Sri Ram Tiwari said...

Very good